रविवार, दिसम्बर 16"Satyam Vada, Dharmam Chara" - Taittiriya Upanishad

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हिन्दू धर्म में वापिस लौटे एक भूतपूर्व मुसलमान के साथ साक्षात्कार | घर वापसी करनेवालों के सम्मुख आनेवाली कठिनाइयों को जानें |

हिन्दू धर्म में वापिस लौटे एक भूतपूर्व मुसलमान के साथ साक्षात्कार | घर वापसी करनेवालों के सम्मुख आनेवाली कठिनाइयों को जानें |

Source: - The following transcription is originally from Satyavijayi.com . Article Name - "Interview With Ex Muslim Who Converted Back To Hinduism Reveal The Difficulties Faced by Anyone Who Does Ghar Wapsi !!" Q – नमस्कार । A – नमस्कार । Q - आपका स्वागत है, आपने हमसे बात करने का समय निकाला, सबसे पहले हम शुरू करते हैंजो हमको पता लगा कि आपने कुछ वर्ष पहले ही घर वापसी की है हिन्दू धर्म में । तो कई मुश्किलें भी आई हैं legal स्तर पे, community, financial और काम काज में, थोड़ा इस के बारे बतायें । A - घर वापसी करने के बाद, financially problem तो यह है कि कारोबार, अगर आप  मुस्लिम community हो और मुस्लिम नहीं रहते तो, हिन्दू धर्म में वापस आ गये तो, मुस्लिम एक तरीके से आपको, घर का भी भाई भाई नहीं रहता, बहन भी आपसे मना कर देती है, मेरे अपने बहनोई ने भी कह दिया था बोले कि अगर तेरी बीवी हमा

सतान / शैतान या भगवान / अल्लाह – कौन है शक्तिशाली ?

ईसाई धर्म में, शीर्षक शैतान (हिब्रू: - शैतान), "विरोधक", बाइबल में मनुष्यों की आस्था को चुनौती देने वाले मानवी और दिव्य दोनों प्रकार की विभिन्न संस्थाओं का एक शीर्षक है। "शैतान" बाद में बुराई के व्यक्तित्व का नाम बन गया। ईसाई परंपरा और धर्मशास्त्र ने "शैतान" को मनुष्य के विश्वास को परखने के लिए ईश्वर द्वारा नियुक्त किए गए एक अभियुक्त में बदल दिया। इस्लाम धर्म में में : "डेविल ", अरबी में "शैतान" (अरब ईसाई और मुस्लिमों द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द) । इबलीस को स्वयम पर गर्व था और वह खुद को आदम से बेहतर मानता था, क्योंकि आदम मिट्टी से बनी थी और इबलीस धुएं रहित आग से बनाया गया था। [2] इस अवज्ञा के कारण, भगवान ने उसे अनंत काल तक जहन्नुम में (नरक/यातनागृह )रहने का शाप दिया था। यह चौंकाने वाला है कि अधिकांश मुसलमान और ईसाई धर्मी एक शैतान या डेविल के होने में विश्वास रखते हैं। 'शैतान लोगों

भारत की भलाई के लिए, जाकिर नाइक को बौद्धिक रूप से ‘टूटा हुआ’ होना चाहिए

आशा है कि सभी ने "जाकिर नाइक" के बारे में खबर देखी है, जो ढाका के युवाओं के आईएसआईएस की तरफ जाने की ताकत है। इससे पहले, आईएसआईएस के लिए भर्ती हुई महिला, दुबई से गिरफ्तार की गई थी और प्रत्यर्पित की गई थी, वह जाकिर नायक से प्रभावित थी। अफसोस की बात है कि मेरे बहुत से शिक्षित मुस्लिम दोस्त ज़किर नायक के प्रशंसक हैं; उसके वीडियो जो कार्यालय में वितरित किये गए थे मैंने सुने है। मेरे मुस्लिम सहकर्मियों नेऋग्वेद से कई अंश साझा किये हैं जो जाकिर नाईक से प्रेरित हैं, और उनमे दावा किया गया है कि बुरखा पहनने के लिए मूलत: पहले हिंदुओं के लिए निर्धारित किया गया था (हां, आप मानें या नहीं!)। दूसरों ने तर्क दिया है कि ऋग्वेद में आर्य-दास युद्ध "धार्मिक युद्ध" थे। हर बार मैंने ग्रिफ़िथ की व्याख्याएं देकर इस मूर्खता को उन्हें बताया है। उसने एक व्याख्यान में, मुहम्मद को विष्णु का 10 वां अवतार (कल्कि!) बताया