मंगलवार, अगस्त 21"Satyam Vada, Dharmam Chara" - Taittiriya Upanishad

हिन्दू धर्म

भगवान् शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ

भगवान् शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ

https://www.youtube.com/watch?v=x2ko_RDhLFc?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 भगवान् शंकराचार्य जानते थे, कि उनके जाने के बाद भी, भारत के ऊपर शस्त्र युद्द, वैचारिक युद्द और सांस्कृतिक युद्द थोपे जायेंगे I जानते थे वोह इस बात को, इसीलिए, भगवान शंकराचार्य ने चार वेदों की रक्षा के लिए, भारत की चार दिशाओं में, चार आम्नाय मठो की स्थापना करी, आम्नाय का मतलब होता हैं, वेद I और आम्नाय पीठ का मतलब होता हैं वैदिक पीठ I तो चार आम्नाय पीठों की स्थापना करी भगवन शंकराचार्य ने, भारत की चार दिशाओं में I चार वेदों की रक्षा के लिए और चार धामों की रक्षा के लिए I भगवान् शंकराचार्य ने उत्तर दिशा में श्री उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ की स्थापना करी I और ज्योथिर्माथ का वेद जो हैं, वोह अथर्व वेद हैं, यानी जो ज्योतिर्मठ जो है, अथर्व वेद के जो सहिताएं हैं, जो ब्राह्मण ग्रन्थ हैं, जो आरण्यक ग्रन्थ हैं, जो उपनिषद्
भगवान् शंकराचार्य का अवतरण काल

भगवान् शंकराचार्य का अवतरण काल

https://www.youtube.com/watch?v=1_k8MRzuse8?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 पूरे facts और evidences के आधार पे हमारे पास तथ्य, प्रमाण, साक्ष और आंकड़े हैं जो यह बतातें हैं कि भगवन शंकराचार्य का अवतरण इसवी सन से ५०७ वर्ष पूर्व सिद्ध होता हैं I अब मैं आपको वोह timeline निकालके इसमें बताना चाहता हूँ, मैं आपको बता देता हूँ I भगवान् शंकराचार्य ने राजपीठ की जो स्थापना करी थी, उसके लिए उन्होंने, सम्राट सुधन्वा को अखंड भारत का राज सिंहासन समर्पित किया था, और सम्राट सुधन्वा की भूमिका जो हैं शंकर दिगविजय में, वोह कोई छोटी-मोटी भूमिका नहीं हैं I सम्राट सुधन्वा ने मेहती भूमिका निभाई हैं शंकर दिग विजय के अभियान में, भगवान् शंकराचार्य के I भगवान् शंकराचार्या के निजधाम, कैलाश गमन, जो कि ३२ वे वर्ष में सिद्ध होता हैं, भगवान् शंकराचार्य के निजधाम कैलाश गमन के एक माह पूर्व, यानी एक महीने पहले, सम्
भगवान् शंकराचार्य की उपलब्धियां

भगवान् शंकराचार्य की उपलब्धियां

https://www.youtube.com/watch?v=T-pBRf9GU1g?cc_lang_pref=hi&cc_load_policy=1 छोटी सी आयु थी उनकी, जब घर छोड़ा था आठ वर्ष के थे वो I संन्यास के लिए निकले जब I नौ वर्ष की आयु में उन्होंने संन्यास लिया और उसके बाद में, भगवान् शंकराचार्य ने, वोह काम करके दिखाया, जो आज सोचा भी नहीं जा सकता हैं I भगवान् शंकराचार्य ने १२ वर्ष से १६ वर्ष कि आयु के बीच में, सोच सकतें हैं आप ? १२ साल का बच्चा कैसा हैं ? कितना मासूम रहता हैं. कितना कोमल रहता हैं वोह I १२ साल से १६ साल की आयु के बीच में भगवान् शंकराचार्य ने प्रस्थानात्रयी पे, प्रस्थानात्रयी I तीन तरह के प्रस्थान, ११ उपनिषदों पे भाष्य लिखा भगवान् शंकराचार्य I ब्रह्म सूत्र पे भाष्य लिकता हैं, भाद्रयाना महर्षि वेद व्यास कृत ब्रह सूत्र पे भाष्य लिखतें हैं, भगवान् शंकराचार्य I और श्रीमद भागवत पर भाष्य लिखतें हैं भगवान् शकाराचार्य I १२ वर्ष से १६ व
हिन्दू धर्म में वापिस लौटे एक भूतपूर्व मुसलमान के साथ साक्षात्कार | घर वापसी करनेवालों के सम्मुख आनेवाली कठिनाइयों को जानें |

हिन्दू धर्म में वापिस लौटे एक भूतपूर्व मुसलमान के साथ साक्षात्कार | घर वापसी करनेवालों के सम्मुख आनेवाली कठिनाइयों को जानें |

Source: - The following transcription is originally from Satyavijayi.com . Article Name - "Interview With Ex Muslim Who Converted Back To Hinduism Reveal The Difficulties Faced by Anyone Who Does Ghar Wapsi !!" Q – नमस्कार । A – नमस्कार । Q - आपका स्वागत है, आपने हमसे बात करने का समय निकाला, सबसे पहले हम शुरू करते हैंजो हमको पता लगा कि आपने कुछ वर्ष पहले ही घर वापसी की है हिन्दू धर्म में । तो कई मुश्किलें भी आई हैं legal स्तर पे, community, financial और काम काज में, थोड़ा इस के बारे बतायें । A - घर वापसी करने के बाद, financially problem तो यह है कि कारोबार, अगर आप  मुस्लिम community हो और मुस्लिम नहीं रहते तो, हिन्दू धर्म में वापस आ गये तो, मुस्लिम एक तरीके से आपको, घर का भी भाई भाई नहीं रहता, बहन भी आपसे मना कर देती है, मेरे अपने बहनोई ने भी कह दिया था बोले कि अगर तेरी बीवी हमा
धर्म और रिलीजन

धर्म और रिलीजन

Courtesy: Ashutosh Singh Thakur / Indiafacts.org धर्म क्या है? धर्म अपने मूल रूप में बहुत व्यापक अर्थ वाला है | एक सामान्य पारम्परिक हिन्दू से पूछेंगे तो इसके अनेक अर्थ मिलेंगे | मंदिर में आरती के पश्चात उद्घोष होता है – धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो! यहाँ धर्म का अर्थ क्या है? किसी एक रिलीजन की जय हो? नहीं | सत्य की जय हो, सदाचार की जय हो, आदर्श सिद्धांतों की जय हो | पापों का, बुराइयों का नाश हो | जब कहते हैं अमुक व्यक्ति बहुत धार्मिक है इसका अर्थ क्या हुआ? बहुत कट्टर मुसलमान है? इसका अर्थ हुआ कि वह भला है, सदाचारी है, परोपकारी है, ईमानदार है, सत्यवादी है इत्यादि | गोस्वामी तुलसीदास राम चरित मानस में लिखते हैं “परहित सरिस धरम नहीं भाई” मैथलीशरण गुप्त “जयद्रथ वध” में लिखते हैं – “अधिकार खो कर बैठ रहना, यह महा दुष्कर्म है; न्यायार्थ अपने बन्धु को भी दण्ड देना धर्म है
अपने गुरु को कैसे ढूँढें? How to Find Your Guru? [Hindi Dub]

अपने गुरु को कैसे ढूँढें? How to Find Your Guru? [Hindi Dub]

Source: - Sadhguru Hindi YouTube Channel सद्गुरु बताते हैं कि अगर आप मुक्ती चाहते हैं, सिर्फ तभी गुरु की तालाश महत्वपूर्ण है| अगर आप सांत्वना चाहते हैं, तो गुरु को न खोजें| लेकिन आप अपने गुरु को पहचानेंगे कैसे? इस विडियो में सद्गुरु अपने गुरु को पहचानने का तरीका भी बता रहे हैं| https://www.youtube.com/watch?v=0G-Nukg0uN8
महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के अनजाने आयाम

महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के अनजाने आयाम

Source: - Sadhguru Hindi YouTube Channel उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के बारे में यह अद्भुत डाक्यूमेंट्री ईशा फाउंडेशन के वॉलंटियर्स द्वारा महाकाल मंदिर को समर्पित है। जानिए उज्जैन मैं महाकाल की भस्म आरती किस तरह से की जाती है और दर्शन कीजिये भगवान शिव के इस महाकाल के रूप का जो सदियों से यहाँ स्थापित है। साथ ही जानिए महाकाल का इतिहास उजैन के महाकाल मंदिर के साधू और संन्यासियों की जुबानी। https://www.youtube.com/watch?v=sBywmc4hhtM
काल भैरव कर्म – मृतकों की आत्म शान्ति के लिए

काल भैरव कर्म – मृतकों की आत्म शान्ति के लिए

Source: - Sadhguru Hindi YouTube Channel सद्‌गुरु हमें श्राद्ध के महत्व के बारे में बता रहे हैं। वे कहते हैं कि आखिरी समय या उसके 11 से 14 दिनों के बाद तक हमारे पास समय होता है कि हम उस जीव को इस तरह से स्पर्श कर सकते हैं कि उसमें मिठास भर जाती है। ऐसा करने के लिए ईशा योग केंद्र में काल भैरव शांति और काल भैरव कर्म प्रक्रियाएं भेंट की जाती हैं। https://www.youtube.com/watch?v=_LU3Rsmlm0I
ध्यानलिंग – ध्यान के लिए बनाया गया एक अनूठा यंत्र. Dhyanalinga – The Meditation Machine [Hindi Dub]

ध्यानलिंग – ध्यान के लिए बनाया गया एक अनूठा यंत्र. Dhyanalinga – The Meditation Machine [Hindi Dub]

Courtesy: - Sadhguru Hindi YouTube Channel मूलरूप से ध्यानलिंग को ध्यान की अवस्था में जाने के लिए तैयार किया गया है। अगर आप बस ध्यानलिंग के सामने बैठते हैं, तो आप बिना किसी निर्देश के ध्यान की अवस्था में चले जाएंगे। एक आकार को एक यंत्र भी कहते हैं। यंत्र यानी एक तरह की मशीन। तो एक तरह से यह ध्यान की मशीन है। ध्यानलिंग ईशा योग केंद्र कोयम्बतूर में स्थित एक अनोखा ऊर्जा रूप है। यह सुबह ६ बजे से रात ८ बजे तक हर किसी के लिए खुला रहता है। हर दिन हज़ारों लोग ध्यानलिंग में ध्यान करने के लिए आते हैं। अधिक जानकारी के लिए ध्यानालिंग की वेबसाईट पर जाएं: http://www.dhyanalinga.org https://www.youtube.com/watch?v=kxvJn2LtONI
भारत की मूलभुत मूल्य प्रणाली

भारत की मूलभुत मूल्य प्रणाली

भगवान की उदार आस्था भारत में जड़ में है। हिंदू धर्म की जड़ में 'ब्राह्मण' एक विचार है, जिसका अंग्रेजी में अनुवाद नहीं किया जा सकता है। ब्राह्मण विचार एक ऐसी विशिष्ट चेतना है जिसे हम सभी ब्रह्मांड में देखते हैं (और जो सभी अस्तित्व का कारण है)। इस विचार से ऋग्वेदिक संतो के लिए यह प्रचार करना आसान था - "सत्य एक है; साधु ‘इसे’ कई नामों से पुकारते हैं। दूसरे शब्दों में, "जैसे सभी नदियां सागर में जाती हैं, वैसे ही सभी धर्मों के निर्माता एक ही होते हैं" "एकम सत विप्रह बहुधा वदंती" : सत्य एक है, ऋषियों द्वारा इसे विभिन्न नाम दिया गया है। भारतीय संस्कृति का निर्माण, भारतीय सभ्यता की पूरी नींव पर आधारित मुख्य विषय है, इसके अंतहीन धर्म और संप्रदाय है । भारत इस "मूलभूत मूल्य" प्रणाली का समर्थन करता है, जिसे मैं अधिकांश भारतीयों द्वारा उनके धर्मों में देखता हूँ, विशेष रूप से इंडिक धर्मों में यह अ