भारत को आदि शंकर का अभिनंदन क्यों करना चाहिए?

Source: – Swarjya Magazine. मनुष्य चिरकाल से ईश्वर को अपने हृदय में वास करने के लिए प्रार्थना करता आया है । परंतु आदि शंकराचार्य ने…

View More भारत को आदि शंकर का अभिनंदन क्यों करना चाहिए?

धार्मिक ज्ञान को ग्रंथों के माध्यम से प्रसारित करने की आवश्यकता नहीं है

हम एक ऐसी सभ्यता हैं जिसके मूल में ज्ञान की बृहत् खोज करना है। हिन्दू धर्म जैसा कोई और धर्म नहीं है। यह ज्ञान परंपराओं…

View More धार्मिक ज्ञान को ग्रंथों के माध्यम से प्रसारित करने की आवश्यकता नहीं है

शिव आगम का अवतरण कैसे हुआ?

शिव आगम वे आगम हैं जो स्वयं महादेव द्वारा प्रकट किए गए थे। कामिका आगम, जो सबसे महत्वपूर्ण अगमों में से एक माना जाता है,…

View More शिव आगम का अवतरण कैसे हुआ?

[Q&A] ‘गुरुकुल शिक्षा पद्धति’ एवं ‘आयुर्वेद का महत्व’

गुरुकुल शिक्षा पद्धति’: https://youtu.be/Y3zYBxpm0iU क्या थी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली? कितनी प्रकार की पद्धतियाँ होती थीं इस प्रणाली में? कहाँ से आरम्भ होती थी शिक्षा? क्या…

View More [Q&A] ‘गुरुकुल शिक्षा पद्धति’ एवं ‘आयुर्वेद का महत्व’

इसाई पंथ और भारत – डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन का व्याख्यान

संपूर्ण विश्व में प्रेम व शान्ति का स्वरुप माने जाने वाले इसाई धर्म के विस्तार का इतिहास रक्त से सना है, ये तथ्य कम ही…

View More इसाई पंथ और भारत – डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन का व्याख्यान

संत रैदास जी को जब इस्लाम को अपनाने को कहा गया

संत रैदास जी का एक यह हैं, जब उनको दबाव डाला गया कि तुम इस्लाम क़ुबूल करो तो उन्होंने लिखा :- वेद धरम सबसे बड़ा…

View More संत रैदास जी को जब इस्लाम को अपनाने को कहा गया

रामानंदाचार्य ब्राह्मण वादी नहीं थे

स्वामी रामानंद ने “वैष्णव मताब्ज भास्कर” में लिखा हैं : प्राप्तम पराम सिद्धधर्मकिंचनो जानो द्विजातिरछां शरणम हरीम व्रजेत परम दयालु स्वगुणानपेक्षित क्रियाकलापादिक जाती बन्धनं सिद्धि…

View More रामानंदाचार्य ब्राह्मण वादी नहीं थे

कबीर का रामानंद जी का शिष्य न होने का दावा

आचार्य हज़ारीप्रसाद द्विवेदी ने कबीर पर सबसे सुन्दर किताब लिखी हैं I निर्विवाद रूप से उनकी किताब सबसे अधिक शोध और गहन अध्ययन के बाद…

View More कबीर का रामानंद जी का शिष्य न होने का दावा

निराला की कविता – तुलसीदास

हिंदी के महान कवी निराला ने एक कविता लिखी हैं तुलसीदास के ऊपर I उस कविता की चर्चा  साहित्य की आलोचना का जो जगत हैं,…

View More निराला की कविता – तुलसीदास

रामानंदाचार्य के १२ प्रमुख शिष्य

स्वामी रामानन्द जगह-जगह से तीर्थ करके जब वापस लौटे, तब उन्होंने यह निर्णय लिया कि इस भयावह समस्या से निपटने  लिए, दूसरे स्तर पर युद्ध…

View More रामानंदाचार्य के १२ प्रमुख शिष्य