वैदिक विश्वदृष्टि – एक परिचय: श्री मृगेंद्र विनोद से प्रश्नोत्तर

वैदिक विश्वदृष्टि पर बातचीत का उद्देश्य इस सत्र के माध्यम से वेदों के बारे में एक परिचयात्मक समझ प्रदान करना है, फिर इसके बाद निकट…

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सनातन और पैगम्बरवाद में पाप की धारणा | नीरज अत्रि | The Concept Of Sin | Neeraj Atri

मनुष्य की स्थिति क्या है? (मनुष्य दो तरह के हैं – प्राकृतिक तथा पैगम्बरवादी) जिसमे की दोनों तरह के लोगो का दावा एक दूसरे का…

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[Q/A] पैगंबरवाद का पूर्व पक्ष — नीरज अत्रि द्वारा एक व्याख्यान

Main Talk: https://www.youtube.com/watch?v=YTg-I… पैगम्बरवादी मज़हबों के आने से पहले विश्व की विभिन्न सभ्यताओं का संक्षिप्त परिचय देने के पश्चात पैगम्बरवादी विचारधाराओं की तुलना भारतीय विचारधाराओं…

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पैगंबरवाद का पूर्व पक्ष — नीरज अत्रि द्वारा एक व्याख्यान

पैगम्बरवादी मज़हबों के आने से पहले विश्व की विभिन्न सभ्यताओं का संक्षिप्त परिचय देने के पश्चात पैगम्बरवादी विचारधाराओं की तुलना भारतीय विचारधाराओं से की जाएगी।…

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भारत को आदि शंकर का अभिनंदन क्यों करना चाहिए?

Source: – Swarjya Magazine. मनुष्य चिरकाल से ईश्वर को अपने हृदय में वास करने के लिए प्रार्थना करता आया है । परंतु आदि शंकराचार्य ने…

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धार्मिक ज्ञान को ग्रंथों के माध्यम से प्रसारित करने की आवश्यकता नहीं है

हम एक ऐसी सभ्यता हैं जिसके मूल में ज्ञान की बृहत् खोज करना है। हिन्दू धर्म जैसा कोई और धर्म नहीं है। यह ज्ञान परंपराओं…

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शिव आगम का अवतरण कैसे हुआ?

शिव आगम वे आगम हैं जो स्वयं महादेव द्वारा प्रकट किए गए थे। कामिका आगम, जो सबसे महत्वपूर्ण अगमों में से एक माना जाता है,…

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[Q&A] ‘गुरुकुल शिक्षा पद्धति’ एवं ‘आयुर्वेद का महत्व’

गुरुकुल शिक्षा पद्धति’: https://youtu.be/Y3zYBxpm0iU क्या थी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली? कितनी प्रकार की पद्धतियाँ होती थीं इस प्रणाली में? कहाँ से आरम्भ होती थी शिक्षा? क्या…

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इसाई पंथ और भारत – डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन का व्याख्यान

संपूर्ण विश्व में प्रेम व शान्ति का स्वरुप माने जाने वाले इसाई धर्म के विस्तार का इतिहास रक्त से सना है, ये तथ्य कम ही…

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संत रैदास जी को जब इस्लाम को अपनाने को कहा गया

संत रैदास जी का एक यह हैं, जब उनको दबाव डाला गया कि तुम इस्लाम क़ुबूल करो तो उन्होंने लिखा :- वेद धरम सबसे बड़ा…

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