मंगलवार, अगस्त 21"Satyam Vada, Dharmam Chara" - Taittiriya Upanishad

संत रैदास जी को जब इस्लाम को अपनाने को कहा गया

संत रैदास जी का एक यह हैं, जब उनको दबाव डाला गया कि तुम इस्लाम क़ुबूल करो तो उन्होंने लिखा :-

वेद धरम सबसे बड़ा अनुपम सच्चा  ज्ञान I

फिर मैं क्यों छोड़ू इसे पढ़लू झूट कुरान

वेद धरम छोड़ू नहीं कोसिस करो हज़ार I

तिल तिल काटो चाही गौदो अंग कतार I

अब यह बताईये कि जो समाज में सबसे निचली श्रेणी में खड़े हैं वह कहतें हैं वेद,धरम सबसे बड़ामैं इसे किसी भी कीमत पर त्याग नहीं सकता I क्योकि वह जो अनुपम ज्ञान हैं और आप कहतें हैं कि छोटी जातियों के साथ इतना अन्याय हुआ I अगर अन्याय हुआ होता तो क्या रैदास वेद धरम और कहतें हैं कि तुम मेरा अंग काटो ? चाहे कटार से गोत दालों तभी मैं नहीं त्यागूंगा ?

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